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गर्भधारण पूर्व और प्रसवपूर्व निदान-तकनीक (लिंग चयन प्रतिषेध)] अधिनियम, 1994 (The Pre-Conception and Pre-Natal Diagnostic Techniques (Prohibition of Sex Selection) Act, 1994) |
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(1994 का अधिनियम संख्यांक 57) (ACT NO. 57 OF 1994) |
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इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम क्या है? |
गर्भधारण पूर्व और प्रसवपूर्व निदान तकनीक (लिंग चयन प्रतिषेध) अधिनियम, 1994 (The Pre-Conception and Pre-Natal Diagnostic Techniques (Prohibition of Sex Selection) Act, 1994) |
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गर्भधारण पूर्व और प्रसवपूर्व निदान-तकनीक (लिंग चयन प्रतिषेध) अधिनियम, 1994 का अधिनियम संख्यांक क्या है? |
1994 का अधिनियम संख्यांक 57 |
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गर्भधारण पूर्व और प्रसवपूर्व निदान-तकनीक (लिंग चयन प्रतिषेध) अधिनियम, 1994 किनके प्रतिषेध से संबंधित है? |
गर्भधारण से पूर्व या उसके पश्चात् लिंग चयन के प्रतिषेध से |
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गर्भधारण पूर्व और प्रसवपूर्व निदान-तकनीक (लिंग चयन प्रतिषेध) अधिनियम, 1994 किन तकनीकों के विनियमन से संबंधित है? |
प्रसवपूर्व निदान तकनीकों के विनियमन से |
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प्रसवपूर्व निदान तकनीकों का उपयोग किन प्रयोजनों के लिए विनियमित है? |
आनुवंशिकी अप्रसामान्यताओं, मेटाबोली विकारों, गुणसूत्री अप्रसामान्यताओं, जन्मजात विकृतियों और लिंग-सलग्न विकारों का पता लगाने हेतु |
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अध्याय-1 (CHAPTER-1) |
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प्रारंभिक (PRELIMINARY) |
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धारा 1 का विषय क्या है? |
संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारम्भ (Short title, extent and commencement) |
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गर्भधारण पूर्व और प्रसवपूर्व निदान-तकनीक (लिंग चयन प्रतिषेध) अधिनियम, 1994 का विस्तार कहाँ तक है? |
सम्पूर्ण भारत पर |
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गर्भधारण पूर्व और प्रसवपूर्व निदान-तकनीक (लिंग चयन प्रतिषेध) अधिनियम, 1994 का प्रारम्भ कब होगा? |
केन्द्रीय सरकार द्वारा राजपत्र में अधिसूचना द्वारा नियत तिथि पर |
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धारा 2 का विषय क्या है? |
परिभाषाएं (Definitions) |
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धारा 2(क) का विषय क्या है? |
“समुचित प्राधिकारी” की परिभाषा (Appropriate Authority) |
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“समुचित प्राधिकारी” से क्या अभिप्रेत है? |
धारा 17 के अधीन नियुक्त समुचित प्राधिकारी |
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धारा 2(ख) का विषय क्या है? |
“बोर्ड” की परिभाषा (Board) |
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“बोर्ड” से क्या अभिप्रेत है? |
धारा 7 के अधीन गठित केन्द्रीय पर्यवेक्षण बोर्ड |
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धारा 2(खक) का विषय क्या है? |
“गर्भ उत्पाद” की परिभाषा (conceptus) |
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“गर्भ उत्पाद” से क्या अभिप्रेत है? |
गर्भाधान से जन्म तक विकास के किसी भी प्रक्रम का उत्पाद |
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“गर्भ उत्पाद” में क्या सम्मिलित है? |
अतिरिक्त भ्रूण झिल्ली तथा भ्रूण या गर्भ |
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धारा 2(खख) का विषय क्या है? |
“भ्रूण” की परिभाषा (embryo) |
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“भ्रूण” से क्या अभिप्रेत है? |
गर्भाधान के पश्चात् आठ सप्ताह (छप्पन दिन) के अंत तक विकासोन्मुख मानव जीव |
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धारा 2(खग) का विषय क्या है? |
“गर्भ” की परिभाषा (foetus) |
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“गर्भ” से क्या अभिप्रेत है? |
गर्भाधान/सृजन के सत्तावनवें दिन से जन्म तक विकास अवधि का मानव जीव |
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“गर्भ” की अवधि में क्या अपवर्जित होगा? |
वह समय जिसमें विकास निलंबित रहा हो |
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धारा 2(खक), (खख), (खग) कब अंतःस्थापित की गईं? |
2003 के अधिनियम सं० 14 की धारा 4 द्वारा |
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धारा 2(ग) का विषय क्या है? |
“आनुवंशिकी सलाह केन्द्र” की परिभाषा (Genetic Counseling Centre) |
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“आनुवंशिकी सलाह केन्द्र” से क्या अभिप्रेत है? |
रोगियों को आनुवंशिकी सलाह देने के लिए कोई संस्था, अस्पताल, परिचर्यागृह या कोई स्थान |
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क्या आनुवंशिकी सलाह केन्द्र किसी भी नाम से ज्ञात हो सकता है? |
हाँ |
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धारा 2(घ) का विषय क्या है? |
“आनुवंशिकी क्लिनिक” की परिभाषा (Genetic Clinic) |
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“आनुवंशिकी क्लिनिक” से क्या अभिप्रेत है? |
प्रसवपूर्व निदान प्रक्रियाएं करने के लिए उपयोग किया जाने वाला क्लिनिक, संस्था, अस्पताल, परिचर्यागृह या कोई स्थान |
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क्या आनुवंशिकी क्लिनिक किसी भी नाम से ज्ञात हो सकता है? |
हाँ |
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धारा 2(घ) के स्पष्टीकरण के अनुसार “आनुवंशिकी क्लिनिक” में क्या सम्मिलित है? |
ऐसा यान जिसमें अल्ट्रासाउंड मशीन, इमेजिंग मशीन, स्कैनर या लिंग निर्धारण सक्षम उपकरण उपयोग होते हैं |
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क्या वहनीय उपस्कर भी आनुवंशिकी क्लिनिक में सम्मिलित हैं? |
हाँ, जो गर्भावस्था में लिंग पता लगाने या लिंग चयन के लिए सक्षम हों |
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धारा 2(ङ) का विषय क्या है? |
“आनुवंशिकी प्रयोगशाला” की परिभाषा (Genetic Laboratory) |
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“आनुवंशिकी प्रयोगशाला” से क्या अभिप्रेत है? |
ऐसी प्रयोगशाला या स्थान जहाँ प्रसवपूर्व निदान परीक्षण हेतु नमूनों का विश्लेषण या परीक्षण किया जाता है |
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आनुवंशिकी प्रयोगशाला में कौन-से नमूने परीक्षण हेतु आते हैं? |
आनुवंशिकी क्लिनिक से प्राप्त नमूने |
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धारा 2(ङ) के स्पष्टीकरण के अनुसार “आनुवंशिकी प्रयोगशाला” में क्या सम्मिलित है? |
ऐसा स्थान जहाँ अल्ट्रासाउंड मशीन, इमेजिंग मशीन, स्कैनर या लिंग निर्धारण सक्षम उपकरण उपयोग होते हैं |
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क्या वहनीय उपस्कर भी आनुवंशिकी प्रयोगशाला में सम्मिलित हैं? |
हाँ, जो गर्भावस्था में लिंग पता लगाने या गर्भधारण से पूर्व लिंग चयन के लिए सक्षम हों |
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धारा 2(च) का विषय क्या है? |
“स्त्री रोग विशेषज्ञ” की परिभाषा (Gynecologist) |
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“स्त्री रोग विशेषज्ञ” से क्या अभिप्रेत है? |
स्त्री रोग विज्ञान और प्रसूति विज्ञान में स्नातकोत्तर अर्हता वाला व्यक्ति |
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धारा 2(छ) का विषय क्या है? |
“चिकित्सा आनुवंशिकीविज्ञ” की परिभाषा (Medical geneticist) |
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“चिकित्सा आनुवंशिकीविज्ञ” कौन है? |
आनुवंशिकी विज्ञान में उपाधि/डिप्लोमा या निर्दिष्ट अर्हता व अनुभव वाला व्यक्ति |
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धारा 2(छ) के अंतर्गत चिकित्सा आनुवंशिकीविज्ञ के लिए न्यूनतम अनुभव कितना है? |
कम से कम दो वर्ष |
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धारा 2(छ) के अंतर्गत चिकित्सा आनुवंशिकीविज्ञ के लिए कौन-सी अर्हताएं मान्य हैं? |
भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद् अधिनियम के अधीन मान्यता प्राप्त चिकित्सा अर्हता या जैव-विज्ञान में स्नातकोत्तर उपाधि |
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धारा 2(ज) का विषय क्या है? |
“बाल चिकित्सक” की परिभाषा (Pediatrician) |
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“बाल चिकित्सक” से क्या अभिप्रेत है? |
बाल चिकित्सा विज्ञान में स्नातकोत्तर अर्हता वाला व्यक्ति |
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धारा 2(झ) का विषय क्या है? |
“प्रसवपूर्व निदान प्रक्रिया” की परिभाषा (pre-natal diagnostic procedures) |
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“प्रसवपूर्व निदान प्रक्रिया” से क्या अभिप्रेत है? |
स्त्री रोग, प्रसूति या चिकित्सा संबंधी प्रक्रियाएं जिनमें नमूना लेकर परीक्षण हेतु भेजा जाता है |
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धारा 2(झ) के अंतर्गत प्रसवपूर्व निदान प्रक्रिया में कौन-कौन से नमूने सम्मिलित हैं? |
उल्व तरल, जरायु अंकुरिका, भ्रूण, रक्त या अन्य टिशू/तरल |
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धारा 2(झ) के अंतर्गत प्रसवपूर्व निदान प्रक्रिया का उद्देश्य क्या है? |
विश्लेषण या प्रसवपूर्व निदान परीक्षण |
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धारा 2(ञ) का विषय क्या है? |
“प्रसवपूर्व निदान-तकनीक” की परिभाषा (pre-natal diagnostic techniques) |
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“प्रसवपूर्व निदान-तकनीक” में क्या सम्मिलित है? |
सभी प्रसवपूर्व निदान प्रक्रियाएं और परीक्षण |
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धारा 2(ट) का विषय क्या है? |
“प्रसवपूर्व निदान परीक्षण” की परिभाषा (pre-natal diagnostic test) |
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“प्रसवपूर्व निदान परीक्षण” से क्या अभिप्रेत है? |
आनुवंशिक, मेटाबोलिक, गुणसूत्रीय, जन्मजात या लिंग-सलग्न रोगों का पता लगाने हेतु परीक्षण |
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प्रसवपूर्व निदान परीक्षण किन नमूनों पर किया जाता है? |
उल्व तरल, जरायु अंकुरिका, रक्त या अन्य टिशू/तरल |
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धारा 2(ठ) का विषय क्या है? |
“विहित” की परिभाषा (prescribed) |
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“विहित” से क्या अभिप्रेत है? |
इस अधिनियम के अधीन बनाए गए नियमों द्वारा विहित |
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धारा 2(ड) का विषय क्या है? |
“रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा व्यवसायी” की परिभाषा (registered medical practitioner) |
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“रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा व्यवसायी” से क्या अभिप्रेत है? |
भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद् अधिनियम, 1956 के अधीन मान्यताप्राप्त अर्हता वाला और राज्य चिकित्सा रजिस्टर में नामांकित व्यक्ति |
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रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा व्यवसायी के लिए कौन-सी अर्हता आवश्यक है? |
भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद् अधिनियम, 1956 की धारा 2(ज) में परिभाषित मान्यताप्राप्त चिकित्सा अर्हता |
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रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा व्यवसायी का नाम कहाँ दर्ज होना चाहिए? |
राज्य चिकित्सा रजिस्टर में |
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धारा 2(ढ) का विषय क्या है? |
“विनियम” की परिभाषा (regulations) |
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“विनियम” से क्या अभिप्रेत है? |
इस अधिनियम के अधीन बोर्ड द्वारा बनाए गए विनियम |
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धारा 2(ण) का विषय क्या है? |
“लिंग चयन” की परिभाषा (Sex selection) |
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“लिंग चयन” से क्या अभिप्रेत है? |
भ्रूण के विशिष्ट लिंग को सुनिश्चित या बढ़ाने हेतु कोई प्रक्रिया, तकनीक, परीक्षण या व्यवस्था |
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धारा 2(त) का विषय क्या है? |
“सोनोलोजिस्ट या चित्रण विशेषज्ञ” की परिभाषा (sonologist or imaging specialist) |
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“सोनोलोजिस्ट या चित्रण विशेषज्ञ” कौन है? |
मान्यताप्राप्त चिकित्सा अर्हता या इमेजिंग/विकिरण विज्ञान में स्नातकोत्तर अर्हता वाला व्यक्ति |
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धारा 2(थ) का विषय क्या है? |
“राज्य बोर्ड” की परिभाषा (State Board) |
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“राज्य बोर्ड” से क्या अभिप्रेत है? |
धारा 16क के अधीन गठित राज्य या संघ राज्यक्षेत्र पर्यवेक्षण बोर्ड |
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धारा 2(द) का विषय क्या है? |
“राज्य सरकार” की परिभाषा (संघ राज्यक्षेत्र के संदर्भ में) (State Government) |
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संघ राज्यक्षेत्र में “राज्य सरकार” से क्या अभिप्रेत है? |
संविधान के अनुच्छेद 239 के अधीन राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त प्रशासक |
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अध्याय-2 (CHAPTER-2) |
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आनुवंशिकी सलाह केन्द्रों, आनुवंशिकी प्रयोगशालाओं और आनुवंशिकी क्लिनिकों का विनियमन (REGULATION OF GENETIC COUNSELLING CENTRES, GENETIC LABORATORIES AND GENETIC CLINICS) |
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धारा 3 का विषय क्या है? |
आनुवंशिकी सलाह केन्द्रों, आनुवंशिकी प्रयोगशालाओं और आनुवंशिकी क्लिनिकों का विनियमन (Regulation of Genetic Counselling Centres, Genetic Laboratories and Genetic Clinics) |
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धारा 3(1) के अंतर्गत क्या कोई आनुवंशिकी सलाह केन्द्र बिना रजिस्ट्रीकरण के कार्य कर सकता है? |
नहीं |
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धारा 3(1) के अंतर्गत क्या कोई आनुवंशिकी प्रयोगशाला बिना रजिस्ट्रीकरण के कार्य कर सकती है? |
नहीं |
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धारा 3(1) के अंतर्गत क्या कोई आनुवंशिकी क्लिनिक बिना रजिस्ट्रीकरण के प्रसवपूर्व निदान तकनीकों से संबंधित क्रियाकलाप कर सकता है? |
नहीं |
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धारा 3(1) के अंतर्गत क्या अपंजीकृत केन्द्र ऐसे क्रियाकलापों में सहायक हो सकता है? |
नहीं |
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धारा 3(2) के अंतर्गत क्या कोई केन्द्र अर्हता रहित व्यक्ति को नियोजित कर सकता है? |
नहीं |
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धारा 3(2) के अंतर्गत क्या अर्हता रहित व्यक्ति की सेवाएं ली जा सकती हैं? |
नहीं |
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धारा 3(2) के अंतर्गत अर्हताओं का निर्धारण किसके द्वारा किया जाएगा? |
विहित नियमों द्वारा |
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धारा 3(3) के अंतर्गत किन व्यक्तियों पर यह प्रतिबंध लागू है? |
चिकित्सा आनुवंशिकीविज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल चिकित्सक, रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा व्यवसायी या अन्य व्यक्ति |
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धारा 3(3) के अंतर्गत क्या पंजीकृत स्थान के बाहर प्रसवपूर्व निदान तकनीक का उपयोग किया जा सकता है? |
नहीं |
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धारा 3(3) के अंतर्गत क्या किसी अन्य व्यक्ति के माध्यम से उपयोग कराया जा सकता है? |
नहीं |
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धारा 3(3) के अंतर्गत क्या ऐसे उपयोग में सहायता की जा सकती है? |
नहीं |
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धारा 3 का प्रतिस्थापन किस अधिनियम द्वारा किया गया? |
2003 के अधिनियम सं० 14 की धारा 5 द्वारा |
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धारा 3क का विषय क्या है? |
लिंग चयन पर प्रतिषेध (Prohibition of sex-selection) |
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धारा 3क के अंतर्गत क्या कोई व्यक्ति लिंग चयन कर सकता है? |
नहीं |
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धारा 3क के अंतर्गत किन व्यक्तियों पर यह प्रतिबंध लागू है? |
किसी भी व्यक्ति पर जिसमें बंध्यता विशेषज्ञ या विशेषज्ञों का दल भी सम्मिलित है |
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धारा 3क के अंतर्गत लिंग चयन किन पर नहीं किया जा सकता? |
स्त्री, पुरुष या दोनों पर |
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धारा 3क के अंतर्गत किन पदार्थों पर लिंग चयन नहीं किया जा सकता? |
टिशू, भ्रूण, गर्भ उत्पाद, तरल या गेमीट |
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धारा 3क के अंतर्गत क्या कोई व्यक्ति किसी अन्य से लिंग चयन करा सकता है? |
नहीं |
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धारा 3क के अंतर्गत क्या कोई व्यक्ति लिंग चयन में सहायता कर सकता है? |
नहीं |
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धारा 3क के अंतर्गत क्या कोई व्यक्ति किसी अन्य से सहायता ले सकता है? |
नहीं |
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धारा 3ख का विषय क्या है? |
अपंजीकृत व्यक्तियों/केंद्रों को पराश्रव्य मशीन आदि के विक्रय पर प्रतिषेध (Prohibition on sale of ultrasound machines, etc., to persons, laboratories, clinics, etc. not registered under the Act) |
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धारा 3ख के अंतर्गत क्या कोई व्यक्ति अपंजीकृत केन्द्र को पराश्रव्य मशीन बेच सकता है? |
नहीं |
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धारा 3ख के अंतर्गत किन संस्थाओं को विक्रय निषिद्ध है? |
आनुवंशिकी सलाह केन्द्र, आनुवंशिकी प्रयोगशाला, आनुवंशिकी क्लिनिक या अन्य अपंजीकृत व्यक्ति |
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धारा 3ख के अंतर्गत विक्रय किन वस्तुओं का निषिद्ध है? |
पराश्रव्य मशीन, इमेजिंग मशीन, स्कैनर या भ्रूण के लिंग का पता लगाने में सक्षम अन्य उपस्कर |
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धारा 3ख के अंतर्गत क्या किसी अपंजीकृत व्यक्ति को ऐसी मशीन बेची जा सकती है? |
नहीं |
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धारा 3ख तथा 3क किस संशोधन द्वारा अंतःस्थापित की गई? |
2003 के अधिनियम सं० 14 की धारा 6 द्वारा |
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अध्याय-3 (CHAPTER-3) |
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प्रसवपूर्व निदान तकनीकों का विनियमन (REGULATION OF PRE-NATAL DIAGNOSTIC TECHNIQUES) |
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धारा 4 का विषय क्या है? |
प्रसवपूर्व निदान तकनीकों का विनियमन (Regulation of pre-natal diagnostic techniques) |
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धारा 4(1) के अंतर्गत प्रसवपूर्व निदान तकनीक कब उपयोग की जा सकती है? |
खंड (2) के प्रयोजनों और खंड (3) की शर्तों के पूरा होने पर |
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धारा 4(1) के अंतर्गत किस स्थान का उपयोग प्रतिबंधित है? |
रजिस्ट्रीकृत केन्द्र/प्रयोगशाला/क्लिनिक का बिना शर्तों की पूर्ति के उपयोग |
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धारा 4(2) के अंतर्गत प्रसवपूर्व निदान तकनीक का उपयोग किन प्रयोजनों तक सीमित है? |
निर्दिष्ट अप्रसामान्यताओं का पता लगाने हेतु |
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धारा 4(2)(i) के अंतर्गत कौन-सी अप्रसामान्यता शामिल है? |
गुणसूत्री अप्रसामान्यताएं |
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धारा 4(2)(ii) के अंतर्गत कौन-सा रोग शामिल है? |
आनुवंशिकी मेटाबोली रोग |
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धारा 4(2)(iii) के अंतर्गत क्या शामिल है? |
हीमोग्लोबिन विकृतियां |
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धारा 4(2)(iv) के अंतर्गत क्या शामिल है? |
लिंग सहलग्न आनुवंशिकी रोग |
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धारा 4(2)(v) के अंतर्गत क्या शामिल है? |
जन्मजात असंगतियां |
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धारा 4(2)(vi) के अंतर्गत क्या शामिल है? |
बोर्ड द्वारा विनिर्दिष्ट अन्य रोग/अप्रसामान्यताएं |
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धारा 4(3) के अंतर्गत तकनीक के उपयोग की पूर्व शर्त क्या है? |
अर्हित व्यक्ति का लेखबद्ध कारणों से संतुष्ट होना |
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धारा 4(3)(i) के अंतर्गत कौन-सी स्थिति शामिल है? |
गर्भवती स्त्री की आयु 35 वर्ष से अधिक |
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धारा 4(3)(ii) के अंतर्गत कौन-सी स्थिति शामिल है? |
दो या अधिक गर्भपात या भ्रूण हानि |
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धारा 4(3)(iii) के अंतर्गत कौन-सी स्थिति शामिल है? |
विभव विरुपजनकों से प्रभावित होना |
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धारा 4(3)(iv) के अंतर्गत कौन-सी स्थिति शामिल है? |
परिवार में आनुवंशिकी रोग या मानसिक/शारीरिक विकृति का इतिहास |
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धारा 4(3)(v) के अंतर्गत क्या शामिल है? |
बोर्ड द्वारा विनिर्दिष्ट अन्य शर्त |
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धारा 4(3) के परंतुक के अनुसार अभिलेख रखने का दायित्व किसका है? |
पराश्रव्य लेखन करने वाले व्यक्ति का |
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धारा 4(3) के परंतुक के अनुसार अभिलेख किस प्रकार रखा जाएगा? |
विहित रीति में पूर्ण अभिलेख |
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धारा 4(3) के परंतुक के अनुसार अभिलेख में कमी का परिणाम क्या है? |
धारा 5 या 6 का उल्लंघन माना जाएगा |
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धारा 4(4) के अंतर्गत किन व्यक्तियों पर प्रतिबंध है? |
पति या नातेदार |
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धारा 4(4) के अंतर्गत क्या निषिद्ध है? |
निर्दिष्ट प्रयोजनों के अतिरिक्त तकनीक का उपयोग कराना या प्रोत्साहित करना |
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धारा 4(5) के अंतर्गत किन व्यक्तियों पर प्रतिबंध है? |
पति या नातेदार |
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धारा 4(5) के अंतर्गत क्या निषिद्ध है? |
लिंग चयन तकनीक का प्रयोग कराना या प्रोत्साहित करना |
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धारा 5 का विषय क्या है? |
गर्भवती स्त्री की लिखित सहमति और भ्रूण के लिंग की संसूचना का प्रतिषेध (Written consent of pregnant woman and prohibition of communicating the sex of foetus) |
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धारा 5(1) के अंतर्गत प्रसवपूर्व निदान प्रक्रिया कब की जा सकती है? |
जब उपखंड (क), (ख), (ग) की शर्तें पूरी हों |
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धारा 5(1)(क) के अंतर्गत क्या आवश्यक है? |
गर्भवती स्त्री को सभी अनुषंगी और अनुवर्ती प्रभावों की जानकारी देना |
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धारा 5(1)(ख) के अंतर्गत क्या आवश्यक है? |
स्त्री की लिखित सहमति विहित प्ररूप में और उसकी समझ की भाषा में लेना |
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धारा 5(1)(ग) के अंतर्गत क्या आवश्यक है? |
लिखित सहमति की प्रति गर्भवती स्त्री को देना |
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धारा 5(2) के अंतर्गत क्या प्रतिबंधित है? |
भ्रूण के लिंग की जानकारी देना |
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धारा 5(2) के अंतर्गत यह प्रतिबंध किन पर लागू है? |
प्रसवपूर्व निदान प्रक्रिया करने वाले व्यक्ति सहित किसी भी व्यक्ति पर |
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धारा 5(2) के अंतर्गत लिंग की जानकारी किनको नहीं दी जा सकती? |
गर्भवती स्त्री, उसके नातेदारों या किसी अन्य व्यक्ति को |
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धारा 5(2) के अंतर्गत लिंग की जानकारी किन माध्यमों से नहीं दी जा सकती? |
शब्दों, संकेतों या किसी अन्य रीति से |
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धारा 5 का प्रतिस्थापन किस अधिनियम द्वारा किया गया? |
2003 के अधिनियम सं० 14 की धारा 7 द्वारा |
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धारा 6 का विषय क्या है? |
लिंग अवधारण का प्रतिषेध (Determination of sex prohibited) |
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धारा 6(क) के अंतर्गत किन संस्थाओं पर प्रतिबंध है? |
आनुवंशिकी सलाह केन्द्र, प्रयोगशाला या क्लिनिक |
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धारा 6(क) के अंतर्गत क्या निषिद्ध है? |
भ्रूण के लिंग का अवधारण करने हेतु प्रसवपूर्व निदान तकनीक (पराश्रव्य लेखन सहित) का उपयोग |
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धारा 6(ख) के अंतर्गत किस पर प्रतिबंध है? |
किसी भी व्यक्ति पर |
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धारा 6(ख) के अंतर्गत क्या निषिद्ध है? |
भ्रूण के लिंग का अवधारण करने हेतु प्रसवपूर्व निदान तकनीक का उपयोग या कराना |
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धारा 6(ग) के अंतर्गत क्या निषिद्ध है? |
गर्भधारण से पूर्व या पश्चात् लिंग चयन करना या करवाना |
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धारा 6(ग) के अंतर्गत क्या किसी को लिंग चयन कराने की अनुमति दी जा सकती है? |
नहीं |
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अध्याय-4 (CHAPTER-4) |
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केन्द्रीय पर्यवेक्षण बोर्ड (CENTRAL SUPERVISORY BOARD) |
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धारा 7 का विषय क्या है? |
केन्द्रीय पर्यवेक्षण बोर्ड का गठन (Constitution of Central Supervisory Board) |
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धारा 7(1) के अंतर्गत बोर्ड का गठन कौन करेगा? |
केन्द्रीय सरकार |
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धारा 7(1) के अंतर्गत बोर्ड किस नाम से जाना जाएगा? |
केन्द्रीय पर्यवेक्षण बोर्ड |
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धारा 7(1) के अंतर्गत बोर्ड का उद्देश्य क्या है? |
अधिनियम के अधीन शक्तियों का प्रयोग और कृत्यों का पालन |
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धारा 7(2)(क) के अंतर्गत पदेन अध्यक्ष कौन होगा? |
परिवार कल्याण मंत्रालय/विभाग का भारसाधक मंत्री |
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धारा 7(2)(ख) के अंतर्गत पदेन उपाध्यक्ष कौन होगा? |
परिवार कल्याण विभाग का भारसाधक सचिव, भारत सरकार |
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धारा 7(2)(ग) के अंतर्गत कितने पदेन सदस्य होंगे? |
तीन |
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धारा 7(2)(ग) के अंतर्गत ये सदस्य किनका प्रतिनिधित्व करेंगे? |
महिला एवं बाल विकास, विधि एवं न्याय तथा आयुर्विज्ञान/होम्योपैथी मंत्रालय |
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धारा 7(2)(घ) के अंतर्गत पदेन सदस्य कौन होगा? |
केन्द्रीय सरकार का स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक |
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धारा 7(2)(ङ) के अंतर्गत कुल कितने सदस्य नियुक्त होंगे? |
दस सदस्य |
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धारा 7(2)(ङ)(i) के अंतर्गत कौन शामिल है? |
विख्यात चिकित्सा आनुवंशिकीविज्ञ |
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धारा 7(2)(ङ)(ii) के अंतर्गत कौन शामिल है? |
विख्यात स्त्री रोग/प्रसूति विशेषज्ञ |
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धारा 7(2)(ङ)(iii) के अंतर्गत कौन शामिल है? |
विख्यात बालचिकित्सा विज्ञानी |
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धारा 7(2)(ङ)(iv) के अंतर्गत कौन शामिल है? |
विख्यात समाज विज्ञानी |
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धारा 7(2)(ङ)(v) के अंतर्गत कौन शामिल है? |
महिला कल्याण संगठनों के प्रतिनिधि |
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धारा 7(2)(च) के अंतर्गत कितनी महिला संसद सदस्य होंगी? |
तीन |
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धारा 7(2)(च) के अंतर्गत उनका चयन कैसे होगा? |
दो लोकसभा से और एक राज्यसभा से निर्वाचित |
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धारा 7(2)(छ) के अंतर्गत कितने सदस्य राज्यों/संघ राज्यक्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करेंगे? |
चार सदस्य |
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धारा 7(2)(छ) के अंतर्गत नियुक्ति किस प्रकार होगी? |
वर्णानुक्रम और उलटे वर्णानुक्रम से चक्रानुक्रम में |
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धारा 7(2)(छ) के परंतुक के अनुसार नियुक्ति किस आधार पर होगी? |
राज्य/संघ राज्यक्षेत्र की सिफारिश पर |
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धारा 7(2)(ज) के अंतर्गत सदस्य सचिव कौन होगा? |
केन्द्रीय सरकार का संयुक्त सचिव स्तर का अधिकारी (परिवार कल्याण) |
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धारा 7(2)(ज) के अंतर्गत सदस्य सचिव की स्थिति क्या है? |
पदेन सदस्य सचिव |
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धारा 7(2)(ग) का प्रतिस्थापन किस अधिनियम द्वारा किया गया? |
2003 के अधिनियम सं० 14 की धारा 10 द्वारा |
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धारा 8 का विषय क्या है? |
सदस्यों की पदावधि (Terms of office of members) |
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धारा 8(1) के अंतर्गत पदेन सदस्य से भिन्न सदस्य की पदावधि क्या है? |
उपधारा (1)(क) या (ख) के अनुसार |
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धारा 8(1)(क) के अंतर्गत पदावधि कितनी होगी? |
तीन वर्ष |
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धारा 8(1)(क) किन सदस्यों पर लागू होती है? |
धारा 7(2)(ङ) या (च) के अधीन नियुक्त सदस्य |
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धारा 8(1)(क) के परंतुक के अनुसार निर्वाचित सदस्य की पदावधि कब समाप्त होगी? |
मंत्री/अध्यक्ष/उपाध्यक्ष बनने या सदन की सदस्यता समाप्त होने पर |
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धारा 8(1)(ख) के अंतर्गत पदावधि कितनी होगी? |
एक वर्ष |
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धारा 8(1)(ख) किन सदस्यों पर लागू होती है? |
धारा 7(2)(छ) के अधीन नियुक्त सदस्य |
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धारा 8(2) के अंतर्गत आकस्मिक रिक्ति कैसे भरी जाएगी? |
केन्द्रीय सरकार द्वारा नई नियुक्ति से |
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धारा 8(2) के अंतर्गत नया सदस्य कितनी अवधि तक पद धारण करेगा? |
शेष पदावधि के लिए |
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धारा 8(3) के अंतर्गत उपाध्यक्ष क्या करेगा? |
अध्यक्ष द्वारा सौंपे गए कृत्यों का पालन |
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धारा 8(4) के अंतर्गत प्रक्रिया किसके द्वारा निर्धारित होगी? |
विहित नियमों द्वारा |
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धारा 9 का विषय क्या है? |
बोर्ड के अधिवेशन (Meetings of the Board) |
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धारा 9(1) के अंतर्गत बोर्ड का अधिवेशन कहाँ और कब होगा? |
ऐसे समय और स्थान पर जैसा विनियमों द्वारा उपबंधित किया जाए |
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धारा 9(1) के अंतर्गत अधिवेशन की प्रक्रिया किसके अनुसार होगी? |
विनियमों द्वारा उपबंधित नियमों के अनुसार |
|
धारा 9(1) के अंतर्गत गणपूर्ति किसके अनुसार निर्धारित होगी? |
विनियमों के अनुसार |
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धारा 9(1) के परंतुक के अनुसार अधिवेशन कितनी अवधि में कम से कम एक बार होगा? |
छह माह में कम से कम एक बार |
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धारा 9(2) के अंतर्गत अधिवेशन की अध्यक्षता कौन करेगा? |
अध्यक्ष या उसकी अनुपस्थिति में उपाध्यक्ष |
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धारा 9(3) के अंतर्गत अध्यक्ष/उपाध्यक्ष की अनुपस्थिति में अध्यक्षता कौन करेगा? |
उपस्थित सदस्यों द्वारा चुना गया सदस्य |
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धारा 9(4) के अंतर्गत निर्णय कैसे लिए जाएंगे? |
उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के बहुमत से |
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धारा 9(4) के अंतर्गत मत बराबर होने पर निर्णायक मत किसका होगा? |
अध्यक्ष या पीठासीन व्यक्ति का |
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धारा 9(5) के अंतर्गत भत्ते किसे मिलेंगे? |
पदेन सदस्यों से भिन्न सदस्यों को |
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धारा 9(5) के अंतर्गत भत्ते कैसे निर्धारित होंगे? |
विहित नियमों द्वारा |
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धारा 10 का विषय क्या है? |
रिक्तियों आदि से बोर्ड की कार्यवाहियों का अविधिमान्य न होना (Vacancies, etc., not to invalidate proceedings of the Board) |
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धारा 10(क) के अंतर्गत क्या बोर्ड की कार्यवाही रिक्ति या गठन में त्रुटि के कारण अविधिमान्य होगी? |
नहीं |
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धारा 10(ख) के अंतर्गत क्या सदस्य की नियुक्ति में त्रुटि से कार्यवाही अविधिमान्य होगी? |
नहीं |
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धारा 10(ग) के अंतर्गत क्या प्रक्रिया की अनियमितता से कार्यवाही अविधिमान्य होगी? |
नहीं, यदि वह मामले के गुणागुण को प्रभावित नहीं करती |
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धारा 11 का विषय क्या है? |
विशिष्ट प्रयोजनों के लिए बोर्ड के साथ व्यक्तियों का अस्थायी सहयोजन (Temporary association of persons with the Board for particular purposes) |
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धारा 11(1) के अंतर्गत बोर्ड किसे सहयोजित कर सकता है? |
ऐसे व्यक्ति को जिसकी सहायता या सलाह आवश्यक हो |
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धारा 11(1) के अंतर्गत सहयोजन किस उद्देश्य से किया जाएगा? |
अधिनियम के उपबंधों को कार्यान्वित करने हेतु |
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धारा 11(1) के अंतर्गत सहयोजन किस प्रकार किया जाएगा? |
विनियमों द्वारा निर्धारित रीति से |
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धारा 11(2) के अंतर्गत सहयोजित व्यक्ति को क्या अधिकार है? |
संबंधित प्रयोजन की चर्चा में भाग लेने का |
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धारा 11(2) के अंतर्गत सहयोजित व्यक्ति को क्या अधिकार नहीं है? |
बोर्ड के अधिवेशन में मत देने का अधिकार नहीं |
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धारा 11(2) के अंतर्गत क्या सहयोजित व्यक्ति अन्य प्रयोजन के लिए सदस्य माना जाएगा? |
नहीं |
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धारा 12 का विषय क्या है? |
बोर्ड के अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति (Appointment or officers and other employees of the Board) |
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धारा 12(1) के अंतर्गत अधिकारियों/कर्मचारियों की नियुक्ति कौन करेगा? |
बोर्ड |
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धारा 12(1) के अंतर्गत नियुक्ति का उद्देश्य क्या है? |
बोर्ड के कृत्यों का दक्षतापूर्ण निर्वहन |
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धारा 12(1) के अंतर्गत नियुक्ति किसके अधीन होगी? |
विनियमों के अधीन |
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धारा 12(1) के अंतर्गत नियुक्ति किस प्रकार हो सकती है? |
प्रतिनियुक्ति पर या अन्यथा |
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धारा 12(1) के परंतुक के अनुसार किन अधिकारियों की नियुक्ति हेतु अनुमोदन आवश्यक है? |
विनियमों में विनिर्दिष्ट प्रवर्ग के अधिकारी |
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धारा 12(1) के परंतुक के अनुसार अनुमोदन कौन देगा? |
केन्द्रीय सरकार |
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धारा 12(2) के अंतर्गत सेवा की शर्तें किसके द्वारा निर्धारित होंगी? |
विनियमों द्वारा |
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धारा 12(2) के अंतर्गत पारिश्रमिक किसके अनुसार मिलेगा? |
विनियमों में विनिर्दिष्ट |
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धारा 13 का विषय क्या है? |
बोर्ड के आदेशों और अन्य लिखतों का अधिप्रमाणन (Authentication of orders and other instruments of the Board) |
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धारा 13 के अंतर्गत बोर्ड के आदेश/विनिश्चय किसके हस्ताक्षर से अधिप्रमाणित होंगे? |
अध्यक्ष या प्राधिकृत सदस्य |
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धारा 13 के अंतर्गत अन्य लिखतें किसके हस्ताक्षर से अधिप्रमाणित होंगी? |
सदस्य-सचिव या प्राधिकृत अधिकारी |
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धारा 14 का विषय क्या है? |
सदस्य के रूप में नियुक्ति के लिए निरर्हताएं (Disqualifications for appointment as member) |
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धारा 14(क) के अंतर्गत कौन निरर्हित होगा? |
नैतिक अधमता वाले अपराध में दोषसिद्ध और कारावास प्राप्त व्यक्ति |
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धारा 14(ख) के अंतर्गत कौन निरर्हित होगा? |
अनुन्मोचित दिवालिया |
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धारा 14(ग) के अंतर्गत कौन निरर्हित होगा? |
विकृतचित्त घोषित व्यक्ति |
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धारा 14(घ) के अंतर्गत कौन निरर्हित होगा? |
सरकार या सरकारी निगम की सेवा से हटाया/पदच्युत व्यक्ति |
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धारा 14(ङ) के अंतर्गत कौन निरर्हित होगा? |
ऐसा व्यक्ति जिसका वित्तीय/अन्य हित कर्तव्य निर्वहन को प्रभावित करे |
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धारा 14(च) के अंतर्गत कौन निरर्हित होगा? |
लिंग अवधारण/लिंग चयन तकनीक में सहयुक्त व्यक्ति |
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धारा 14(च) का प्रतिस्थापन किस अधिनियम द्वारा किया गया? |
2003 के अधिनियम सं० 14 की धारा 11 द्वारा |
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धारा 15 का विषय क्या है? |
पुनः नियुक्ति के लिए सदस्य की पात्रता (Eligibility of member for reappointment) |
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धारा 15 के अंतर्गत कौन पुनः नियुक्ति के लिए पात्र है? |
जो सदस्य नहीं रह जाता |
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धारा 15 के अंतर्गत पुनः नियुक्ति किसके अधीन होगी? |
विहित निबंधनों और शर्तों के अधीन |
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धारा 15 के परंतुक के अनुसार अधिकतम कितनी अवधि तक नियुक्ति हो सकती है? |
लगातार दो अवधियों तक |
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धारा 15 का परंतुक किस अधिनियम द्वारा अंतःस्थापित किया गया? |
2003 के अधिनियम सं० 14 की धारा 12 द्वारा |
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धारा 16 का विषय क्या है? |
बोर्ड के कृत्य (Functions of the Board) |
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धारा 16(i) के अंतर्गत बोर्ड का कृत्य क्या है? |
नीति विषयक मामलों पर केंद्र सरकार को सलाह देना |
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धारा 16(ii) के अंतर्गत बोर्ड का कृत्य क्या है? |
अधिनियम/नियमों के कार्यान्वयन का पुनर्विलोकन और मानीटर करना |
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धारा 16(ii) के अंतर्गत बोर्ड क्या सिफारिश करेगा? |
अधिनियम/नियमों में परिवर्तन हेतु |
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धारा 16(iii) के अंतर्गत बोर्ड का कृत्य क्या है? |
लिंग चयन/भ्रूण वध के विरुद्ध जन-जागृति |
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धारा 16(iv) के अंतर्गत बोर्ड का कृत्य क्या है? |
आचार संहिता निर्धारित करना |
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धारा 16(v) के अंतर्गत बोर्ड का कृत्य क्या है? |
निकायों के कार्यों का निरीक्षण और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना |
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धारा 16(vi) के अंतर्गत बोर्ड का कृत्य क्या है? |
अन्य विहित कृत्य करना |
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धारा 16क का विषय क्या है? |
राज्य पर्यवेक्षण बोर्ड और संघ राज्यक्षेत्र पर्यवेक्षण बोर्ड का गठन (Constitution of State Supervisory Board and Union territory Supervisory Board) |
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धारा 16क(1) के अंतर्गत राज्य/संघ राज्यक्षेत्र क्या गठित करेगा? |
राज्य या संघ राज्यक्षेत्र पर्यवेक्षण बोर्ड |
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धारा 16क(1)(i) के अंतर्गत बोर्ड का कृत्य क्या है? |
लिंग चयन/भ्रूण वध के विरुद्ध जन-जागृति |
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धारा 16क(1)(ii) के अंतर्गत बोर्ड का कृत्य क्या है? |
समुचित प्राधिकारियों के कार्यों का पुनर्विलोकन और कार्रवाई की सिफारिश |
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धारा 16क(1)(iii) के अंतर्गत बोर्ड का कृत्य क्या है? |
अधिनियम/नियमों के कार्यान्वयन का मानीटर करना |
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धारा 16क(1)(iii) के अंतर्गत बोर्ड किसे सिफारिश करेगा? |
केन्द्रीय बोर्ड को |
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धारा 16क(1)(iv) के अंतर्गत बोर्ड क्या करेगा? |
राज्य के क्रियाकलापों की समेकित रिपोर्ट भेजेगा |
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धारा 16क(1)(iv) के अंतर्गत रिपोर्ट किसे भेजी जाएगी? |
बोर्ड और केन्द्रीय सरकार को |
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धारा 16क(1)(v) के अंतर्गत बोर्ड क्या करेगा? |
अन्य विहित कृत्य |
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धारा 16क(2)(क) के अंतर्गत पदेन अध्यक्ष कौन होगा? |
राज्य का स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री |
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धारा 16क(2)(ख) के अंतर्गत पदेन उपाध्यक्ष कौन होगा? |
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग का सचिव |
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धारा 16क(2)(ग) के अंतर्गत कौन सदस्य होंगे? |
विभिन्न विभागों के पदेन सचिव/आयुक्त या प्रतिनिधि |
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धारा 16क(2)(घ) के अंतर्गत कौन सदस्य होगा? |
राज्य सरकार का स्वास्थ्य/आयुर्विज्ञान निदेशक |
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धारा 16क(2)(ङ) के अंतर्गत कितनी महिला सदस्य होंगी? |
तीन |
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धारा 16क(2)(च) के अंतर्गत कितने सदस्य नियुक्त होंगे? |
दस |
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धारा 16क(2)(च)(i) के अंतर्गत कौन शामिल हैं? |
समाज विज्ञानी और विधि विशेषज्ञ |
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धारा 16क(2)(च)(ii) के अंतर्गत कौन शामिल हैं? |
महिला सक्रियतावादी/NGO प्रतिनिधि |
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धारा 16क(2)(च)(iii) के अंतर्गत कौन शामिल हैं? |
स्त्री रोग/प्रसूति विशेषज्ञ |
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धारा 16क(2)(च)(iv) के अंतर्गत कौन शामिल हैं? |
बाल चिकित्सक/चिकित्सा आनुवंशिकीविज्ञ |
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धारा 16क(2)(च)(v) के अंतर्गत कौन शामिल हैं? |
विकिरण विशेषज्ञ/सोनोलोजिस्ट |
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धारा 16क(2)(छ) के अंतर्गत सदस्य सचिव कौन होगा? |
संयुक्त निदेशक स्तर का अधिकारी |
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धारा 16क(3) के अंतर्गत बैठक कितनी अवधि में होगी? |
चार माह में कम से कम एक बार |
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धारा 16क(4) के अंतर्गत पदावधि कितनी होगी? |
तीन वर्ष |
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धारा 16क(5) के अंतर्गत रिक्ति कैसे भरी जाएगी? |
नई नियुक्ति द्वारा |
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धारा 16क(6) के अंतर्गत सदस्यता कब समाप्त होगी? |
मंत्री/अध्यक्ष/उपाध्यक्ष बनने या सदस्यता समाप्त होने पर |
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धारा 16क(7) के अंतर्गत गणपूर्ति क्या होगी? |
कुल सदस्यों का एक-तिहाई |
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धारा 16क(8) के अंतर्गत सहयोजन की सीमा क्या है? |
कुल सदस्यों के एक-तिहाई से अधिक नहीं |
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धारा 16क(9) के अंतर्गत सहयोजित सदस्य का अधिकार क्या है? |
मताधिकार के बिना अन्य सभी अधिकार |
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धारा 16क(10) के अंतर्गत प्रक्रिया किसके अनुसार होगी? |
केन्द्रीय बोर्ड की प्रक्रियाओं के अनुसार |
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अध्याय-5 (CHAPTER-5) |
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समुचित प्राधिकारी और सलाहकार समिति (APPROPRIATE AUTHORITY AND ADVISORY COMMITTEE) |
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धारा 17 का विषय क्या है? |
समुचित प्राधिकारी और सलाहकार समिति (Appropriate Authority and Advisory Committee) |
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धारा 17(1) के अंतर्गत समुचित प्राधिकारी कौन नियुक्त करेगा? |
केन्द्रीय सरकार |
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धारा 17(2) के अंतर्गत समुचित प्राधिकारी कौन नियुक्त करेगा? |
राज्य सरकार |
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धारा 17(2) के अंतर्गत नियुक्ति किस आधार पर होगी? |
प्रसवपूर्व लिंग अवधारण की समस्या की व्यापकता को ध्यान में रखते हुए |
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धारा 17(2) के अंतर्गत नियुक्ति किस क्षेत्र के लिए होगी? |
संपूर्ण राज्य या उसके भाग के लिए |
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धारा 17(3)(क) के अंतर्गत समुचित प्राधिकारी की संरचना क्या होगी? |
तीन सदस्यीय |
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धारा 17(3)(क)(i) के अंतर्गत कौन सदस्य होगा? |
संयुक्त निदेशक स्तर या उससे ऊपर का अधिकारी |
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धारा 17(3)(क)(ii) के अंतर्गत कौन सदस्य होगा? |
महिला संगठन का प्रतिनिधित्व करने वाली विख्यात महिला |
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धारा 17(3)(क)(iii) के अंतर्गत कौन सदस्य होगा? |
विधि विभाग का अधिकारी |
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धारा 17(3)(क) के परंतुक के अनुसार गठन की समय-सीमा क्या है? |
3 माह के भीतर |
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धारा 17(3)(क) के दूसरे परंतुक के अनुसार रिक्ति कब भरी जाएगी? |
3 माह के भीतर |
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धारा 17(3)(ख) के अंतर्गत संरचना कौन निर्धारित करेगा? |
राज्य सरकार या केन्द्रीय सरकार |
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धारा 17(4) के अंतर्गत कृत्य क्या है? |
(क) आनुवंशिकी सलाह केन्द्र, आनुवंशिकी प्रयोगशाला या आनुवंशिकी क्लिनिक के लिए रजिस्ट्रीकरण मंजूर, निलंबित या रद्द करना; (ख) आनुवंशिकी सलाह केन्द्र, आनुवंशिकी प्रयोगशाला और आनुवंशिकी क्लिनिक के लिए विहित मानक लागू करना; (ग) इस अधिनियम और उसके अधीन बनाए गए नियमों के उपबंधों के भंग से संबंधित परिवादों का अन्वेषण करना और तत्काल कार्रवाई करना; (घ) रजिस्ट्रीकरण के आवेदनों पर तथा रजिस्ट्रीकरण के निलंबन या रद्दकरण की शिकायतों पर उपधारा (5) के अधीन गठित सलाहकार समिति की सलाह लेना और उस पर विचार करना; (ङ) किसी व्यक्ति द्वारा किसी स्थान पर किसी लिंग चयन तकनीक के उपयोग के विरुद्ध स्वप्रेरणा से या उसकी जानकारी में लाए जाने पर उपयुक्त विधिक कार्रवाई करना और ऐसे मामले में स्वतंत्र रूप से अन्वेषण भी आरंभ करना; (च) लिंग चयन या प्रसवपूर्व लिंग अवधारण की प्रथा के विरुद्ध जनसाधारण में जागरुकता पैदा करना ; (छ) अधिनियम और नियमों के उपबंधों के कार्यान्वयन का पर्यवेक्षण करना; (ज) प्रौद्योगिकी या सामाजिक दशाओं में परिवर्तनों के अनुसार नियमों में अपेक्षित उपांतरणों के संबंध में बोर्ड और राज्य बोर्डों को सिफारिश करना; (झ) रजिस्ट्रीकरण के निलंबन या रद्दकरण के लिए परिवाद के अन्वेषण के पश्चात् सलाहकार समिति द्वारा की गई सिफारिशों पर कार्रवाई करना । |
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धारा 17(5) के अंतर्गत सलाहकार समिति कौन गठित करेगा? |
केन्द्रीय या राज्य सरकार |
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धारा 17(5) के अंतर्गत समिति का उद्देश्य क्या है? |
समुचित प्राधिकारी को सहायता और सलाह देना |
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धारा 17(5) के अंतर्गत अध्यक्ष कौन होगा? |
समिति के सदस्यों में से एक |
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धारा 17(6)(क) के अंतर्गत कितने विशेषज्ञ होंगे? |
तीन आयुर्विज्ञान विशेषज्ञ |
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धारा 17(6)(ख) के अंतर्गत कौन सदस्य होगा? |
एक विधि विशेषज्ञ |
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धारा 17(6)(ग) के अंतर्गत कौन सदस्य होगा? |
सूचना/प्रचार विभाग का अधिकारी |
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धारा 17(6)(घ) के अंतर्गत कितने सामाजिक कार्यकर्ता होंगे? |
तीन (कम से कम एक महिला) |
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धारा 17(7) के अंतर्गत कौन सदस्य नहीं बन सकता? |
लिंग चयन/लिंग अवधारण में सहयुक्त व्यक्ति |
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धारा 17(8) के अंतर्गत बैठक कब होगी? |
आवश्यकता अनुसार या प्राधिकारी के अनुरोध पर |
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धारा 17(8) के परंतुक के अनुसार अंतराल क्या होगा? |
विहित अवधि से अधिक नहीं |
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धारा 17(9) के अंतर्गत नियुक्ति की शर्तें कौन निर्धारित करेगा? |
विहित नियम |
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धारा 17(9) के अंतर्गत प्रक्रिया कौन निर्धारित करेगा? |
विहित नियम |
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धारा 17क का विषय क्या है? |
समुचित प्राधिकारियों की शक्तियां (Powers of Appropriate Authorities) |
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धारा 17क(क) के अंतर्गत समुचित प्राधिकारी किसे समन कर सकता है? |
ऐसे व्यक्ति को जिसके पास उल्लंघन से संबंधित जानकारी हो |
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धारा 17क(ख) के अंतर्गत क्या प्रस्तुत कराया जा सकता है? |
संबंधित दस्तावेज या भौतिक पदार्थ |
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धारा 17क(ग) के अंतर्गत क्या शक्ति है? |
तलाशी वारंट जारी करना |
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धारा 17क(ग) के अंतर्गत किन स्थानों पर तलाशी वारंट जारी किया जा सकता है? |
जहां लिंग चयन या लिंग अवधारण का संदेह हो |
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धारा 17क(घ) के अंतर्गत क्या शामिल है? |
अन्य विहित विषय |
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अध्याय-6 (CHAPTER-6) |
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आनुवंशिकी सलाह केन्द्रों, आनुवंशिकी प्रयोगशालाओं और आनुवंशिकी क्लिनिकों का रजिस्ट्रीकरण (REGISTRATION OF GENETIC COUNSELLING CENTRES, GENETIC LABORATORIES AND GENETIC CLINICS) |
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धारा 18 का विषय क्या है? |
आनुवंशिकी सलाह केन्द्रों, प्रयोगशालाओं और क्लिनिकों का रजिस्ट्रीकरण (Registration of Genetic Counselling Centres, Genetic Laboratories or Genetic Clinics) |
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धारा 18(1) के अंतर्गत कौन बिना रजिस्ट्रीकरण के केन्द्र/प्रयोगशाला/क्लिनिक नहीं खोलेगा? |
कोई भी व्यक्ति |
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धारा 18(1) के अंतर्गत किन संस्थानों पर लागू होता है? |
जिनमें अल्ट्रासाउंड/इमेजिंग/लिंग निर्धारण तकनीक हो |
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धारा 18(1) के अंतर्गत कब तक संचालन निषिद्ध है? |
जब तक सम्यक् रजिस्ट्रीकरण न हो |
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धारा 18(1) का प्रतिस्थापन किस अधिनियम द्वारा किया गया? |
2003 के अधिनियम सं० 14 की धारा 17 द्वारा |
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धारा 18(2) के अंतर्गत आवेदन किसे किया जाएगा? |
समुचित प्राधिकारी को |
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धारा 18(2) के अंतर्गत आवेदन कैसे किया जाएगा? |
विहित प्ररूप और रीति से |
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धारा 18(2) के अंतर्गत क्या संलग्न होगा? |
विहित फीस |
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धारा 18(3) के अंतर्गत आवेदन की समय-सीमा क्या है? |
प्रारंभ से 60 दिन के भीतर |
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धारा 18(3) किन संस्थानों पर लागू है? |
जो पहले से प्रसवपूर्व निदान कार्य कर रहे थे |
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धारा 18(4) के अंतर्गत संचालन कब बंद होगा? |
6 माह की समाप्ति पर |
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धारा 18(4) के अंतर्गत अपवाद क्या है? |
यदि आवेदन किया गया हो या उसका निपटारा हो गया हो |
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धारा 18(4) किन सेवाओं पर रोक लगती है? |
प्रसवपूर्व निदान तकनीक संबंधी सलाह/उपयोग |
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धारा 18(5) के अंतर्गत रजिस्ट्रीकरण कब होगा? |
जब समुचित प्राधिकारी संतुष्ट हो |
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धारा 18(5) के अंतर्गत किन बातों से संतुष्टि आवश्यक है? |
सुविधाएं, उपस्कर और मानक विहित अनुसार हों |
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धारा 19 का विषय क्या है? |
रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र (Certificate of registration) |
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धारा 19(1) के अंतर्गत रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र कौन देगा? |
समुचित प्राधिकारी |
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धारा 19(1) के अंतर्गत प्रमाणपत्र कब दिया जाएगा? |
जांच और अनुपालन से संतुष्ट होने पर |
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धारा 19(1) के अंतर्गत किसकी सलाह ली जाएगी? |
सलाहकार समिति की |
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धारा 19(1) के अंतर्गत प्रमाणपत्र किस रूप में दिया जाएगा? |
विहित प्ररूप में |
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धारा 19(1) के अंतर्गत किसे दिया जाएगा? |
आनुवंशिकी सलाह केन्द्र/प्रयोगशाला/क्लिनिक |
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धारा 19(2) के अंतर्गत आवेदन कब नामंजूर किया जाएगा? |
जब अनुपालन न हो |
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धारा 19(2) के अंतर्गत नामंजूरी से पूर्व क्या अवसर दिया जाएगा? |
सुनवाई का अवसर |
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धारा 19(2) के अंतर्गत किसकी सलाह ली जाएगी? |
सलाहकार समिति की |
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धारा 19(2) के अंतर्गत नामंजूरी कैसे होगी? |
कारण लेखबद्ध कर |
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धारा 19(3) के अंतर्गत प्रमाणपत्र का क्या होगा? |
नवीकरण किया जाएगा |
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धारा 19(3) के अंतर्गत नवीकरण कैसे होगा? |
विहित रीति, अवधि और फीस से |
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धारा 19(4) के अंतर्गत प्रमाणपत्र कहाँ प्रदर्शित होगा? |
कारबार के स्थान पर सहजदृश्य स्थान में |
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धारा 20 का विषय क्या है? |
रजिस्ट्रीकरण का रद्दकरण या निलम्बन (Cancellation or suspension of registration) |
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धारा 20(1) के अंतर्गत समुचित प्राधिकारी क्या कर सकता है? |
कारण दर्शाने हेतु सूचना जारी कर सकता है |
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धारा 20(1) के अंतर्गत सूचना कब जारी की जाएगी? |
स्वप्रेरणा से या परिवाद पर |
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धारा 20(1) के अंतर्गत सूचना का उद्देश्य क्या है? |
रजिस्ट्रीकरण निलंबन/रद्दकरण का कारण बताना |
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धारा 20(2) के अंतर्गत कार्रवाई से पूर्व क्या दिया जाएगा? |
सुनवाई का युक्तियुक्त अवसर |
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धारा 20(2) के अंतर्गत किसकी सलाह ली जाएगी? |
सलाहकार समिति की |
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धारा 20(2) के अंतर्गत कब निलंबन/रद्दकरण होगा? |
अधिनियम/नियमों का उल्लंघन होने पर |
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धारा 20(2) के अंतर्गत निलंबन की अवधि कौन तय करेगा? |
समुचित प्राधिकारी |
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धारा 20(2) के अंतर्गत क्या दांडिक कार्यवाही प्रभावित होगी? |
नहीं |
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धारा 21 का विषय क्या है? |
अपील (Appeal) |
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धारा 21 के अंतर्गत अपील की समय-सीमा क्या है? |
30 दिन |
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धारा 21 के अंतर्गत अपील किसके विरुद्ध होगी? |
धारा 20 के आदेश के विरुद्ध |
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धारा 21(i) के अंतर्गत अपील कहाँ की जाएगी? |
केन्द्रीय सरकार (केन्द्रीय प्राधिकारी के आदेश पर) |
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धारा 21(ii) के अंतर्गत अपील कहाँ की जाएगी? |
राज्य सरकार (राज्य प्राधिकारी के आदेश पर) |
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धारा 21 के अंतर्गत अपील कैसे की जाएगी? |
विहित रीति से |
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अध्याय-7 (CHAPTER-7) |
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अपराध और शास्तियां (OFFENCES AND PENALTIES) |
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धारा 22 का विषय क्या है? |
गर्भधारण पूर्व/प्रसवपूर्व लिंग अवधारण संबंधी विज्ञापन का प्रतिषेध और दंड (Prohibition of advertisement relating to pre-natal determination of sex and punishment for contravention) |
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धारा 22(1) के अंतर्गत किन पर प्रतिबंध है? |
व्यक्ति, संगठन, आनुवंशिकी केन्द्र/प्रयोगशाला/क्लिनिक |
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धारा 22(1) के अंतर्गत क्या प्रतिबंधित है? |
लिंग अवधारण/लिंग चयन संबंधी विज्ञापन |
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धारा 22(1) के अंतर्गत विज्ञापन किस माध्यम से प्रतिबंधित है? |
किसी भी रूप में, इंटरनेट सहित |
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धारा 22(1) के अंतर्गत कौन-से कार्य निषिद्ध हैं? |
जारी, प्रकाशित, वितरित या संसूचित करना |
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धारा 22(2) के अंतर्गत क्या प्रतिबंधित है? |
किसी भी साधन से लिंग चयन/अवधारण का विज्ञापन |
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धारा 22(2) के अंतर्गत साधनों में क्या शामिल हैं? |
वैज्ञानिक या अन्य साधन |
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धारा 22(3) के अंतर्गत दंड क्या है? |
3 वर्ष तक कारावास और 10,000 रुपये तक जुर्माना |
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धारा 22 स्पष्टीकरण के अंतर्गत "विज्ञापन" में क्या शामिल है? |
सूचना, परिपत्र, लेबल, दस्तावेज आदि |
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धारा 22 स्पष्टीकरण के अंतर्गत कौन-से माध्यम शामिल हैं? |
इलेक्ट्रॉनिक, मुद्रित, इंटरनेट, अन्य मीडिया |
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धारा 22 स्पष्टीकरण के अंतर्गत दृश्यरूपण में क्या शामिल है? |
पट्ट, पेंटिंग, संकेत, प्रकाश, ध्वनि, धुआं या गैस |
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धारा 23 का विषय क्या है? |
अपराध और शास्तियां (Offences and penalties) |
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धारा 23(1) के अंतर्गत किन व्यक्तियों पर दंड लागू होता है? |
चिकित्सा आनुवंशिकीविज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ, रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा व्यवसायी या संबंधित व्यक्ति |
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धारा 23(1) के अंतर्गत किन संस्थानों से जुड़े व्यक्ति शामिल हैं? |
आनुवंशिकी सलाह केन्द्र, प्रयोगशाला या क्लिनिक के स्वामी/नियोजित व्यक्ति |
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धारा 23(1) के अंतर्गत कौन-सी सेवाएं शामिल हैं? |
वृत्तिक या तकनीकी सेवाएं, चाहे अवैतनिक हों या अन्यथा |
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धारा 23(1) के अंतर्गत प्रथम अपराध का दंड क्या है? |
3 वर्ष तक कारावास और 10,000 रुपये तक जुर्माना |
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धारा 23(1) के अंतर्गत पश्चात्वर्ती अपराध का दंड क्या है? |
5 वर्ष तक कारावास और 50,000 रुपये तक जुर्माना |
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धारा 23(2) के अंतर्गत किसका नाम रिपोर्ट किया जाएगा? |
रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा व्यवसायी का |
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धारा 23(2) के अंतर्गत रिपोर्ट किसे भेजी जाएगी? |
राज्य आयुर्विज्ञान परिषद् को |
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धारा 23(2) के अंतर्गत आरोप विरचित होने पर क्या होगा? |
रजिस्ट्रीकरण निलंबित होगा |
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धारा 23(2) के अंतर्गत दोषसिद्धि पर प्रथम अपराध में क्या होगा? |
5 वर्ष के लिए नाम रजिस्टर से हटाया जाएगा |
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धारा 23(2) के अंतर्गत पश्चात्वर्ती अपराध में क्या होगा? |
नाम स्थायी रूप से हटाया जाएगा |
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धारा 23(3) के अंतर्गत कौन दंडनीय है? |
जो व्यक्ति लिंग चयन/प्रसवपूर्व निदान के लिए सहायता लेता है |
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धारा 23(3) के अंतर्गत किन संस्थानों/व्यक्तियों से सहायता ली जाती है? |
आनुवंशिकी केन्द्र, क्लिनिक, विशेषज्ञ आदि |
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धारा 23(3) के अंतर्गत प्रथम अपराध का दंड क्या है? |
3 वर्ष तक कारावास और 50,000 रुपये तक जुर्माना |
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धारा 23(3) के अंतर्गत पश्चात्वर्ती अपराध का दंड क्या है? |
5 वर्ष तक कारावास और 1,00,000 रुपये तक जुर्माना |
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धारा 23(4) के अंतर्गत किसे दंड से छूट है? |
वह स्त्री जिसे विवश किया गया हो |
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धारा 24 का विषय क्या है? |
प्रसवपूर्व निदान-तकनीकों के संचालन की दशा में उपधारणा (Presumption in the case of conduct of pre-natal diagnostic techniques) |
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धारा 24 के अंतर्गत न्यायालय क्या उपधारणा करेगा? |
कि गर्भवती स्त्री को विवश किया गया था |
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धारा 24 के अंतर्गत उपधारणा किन प्रयोजनों के संदर्भ में है? |
धारा 4(2) से भिन्न प्रयोजन |
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धारा 24 के अंतर्गत किसके द्वारा विवश माना जाएगा? |
पति या अन्य नातेदार |
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धारा 24 के अंतर्गत विवश करने वाले की जिम्मेदारी क्या होगी? |
धारा 23(3) के तहत दुष्प्रेरण का अपराध |
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धारा 24 के अंतर्गत दंड किस धारा के अनुसार होगा? |
धारा 23(23) के अधीन |
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धारा 24 के अंतर्गत भारतीय साक्ष्य अधिनियम/BSA पर क्या प्रभाव है? |
उसके बावजूद यह उपधारणा लागू होगी |
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धारा 25 का विषय क्या है? |
विनिर्दिष्ट दंड के अभाव में उल्लंघन के लिए शास्ति (Penalty for contravention of the provisions of the Act or rules for which no specific punishment is provided) |
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धारा 25 के अंतर्गत कब दंड लागू होगा? |
जब अधिनियम/नियमों में अन्य दंड का उपबंध न हो |
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धारा 25 के अंतर्गत कौन दंडनीय है? |
जो अधिनियम या नियमों का उल्लंघन करता है |
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धारा 25 के अंतर्गत कारावास की अधिकतम अवधि क्या है? |
3 माह |
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धारा 25 के अंतर्गत जुर्माने की अधिकतम राशि क्या है? |
1000 रुपए |
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धारा 25 के अंतर्गत क्या दोनों दंड साथ हो सकते हैं? |
हाँ |
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धारा 25 के अंतर्गत निरंतर उल्लंघन पर क्या होगा? |
अतिरिक्त जुर्माना लगेगा |
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धारा 25 के अंतर्गत प्रति दिन अतिरिक्त जुर्माना कितना है? |
500 रुपए तक |
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धारा 25 के अंतर्गत अतिरिक्त जुर्माना कब से लागू होगा? |
प्रथम दोषसिद्धि के पश्चात् उल्लंघन जारी रहने पर |
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धारा 26 का विषय क्या है? |
कम्पनियों द्वारा अपराध (Offences by companies) |
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धारा 26(1) के अंतर्गत अपराध होने पर कौन दोषी माना जाएगा? |
कम्पनी और उसका भारसाधक/उत्तरदायी व्यक्ति |
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धारा 26(1) के अंतर्गत उत्तरदायी व्यक्ति कौन है? |
जो कम्पनी के कारबार के संचालन के लिए जिम्मेदार था |
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धारा 26(1) के अंतर्गत ऐसे व्यक्तियों पर क्या होगा? |
उनके विरुद्ध कार्यवाही और दंड |
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धारा 26(1) के परंतुक के अनुसार कब व्यक्ति दंड से बच सकता है? |
जब अपराध उसकी जानकारी के बिना हुआ हो या उसने सम्यक् तत्परता बरती हो |
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धारा 26(2) के अंतर्गत किन व्यक्तियों को दोषी माना जाएगा? |
निदेशक, प्रबंधक, सचिव या अन्य अधिकारी |
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धारा 26(2) के अंतर्गत किन परिस्थितियों में दोषी माना जाएगा? |
सहमति, मौनानुकूलता या उपेक्षा के कारण |
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धारा 26 स्पष्टीकरण (क) के अनुसार “कम्पनी” का क्या अर्थ है? |
निगमित निकाय, जिसमें फर्म या अन्य संगम शामिल है |
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धारा 26 स्पष्टीकरण (ख) के अनुसार “निदेशक” का क्या अर्थ है? |
फर्म का भागीदार |
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धारा 27 का विषय क्या है? |
अपराध का संज्ञेय, अजमानतीय और अशमनीय होना (Offence to be cognizable, non-bailable and non-compoundable) |
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इस अधिनियम के अधीन अपराधों की प्रकृति क्या है? |
प्रत्येक अपराध संज्ञेय, अजमानतीय और अशमनीय होगा। |
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धारा 28 का विषय क्या है? |
अपराधों का संज्ञान। (Cognizance of offences) |
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धारा 28(1)(क) के अनुसार कौन परिवाद प्रस्तुत कर सकता है? |
समुचित प्राधिकारी, केन्द्रीय सरकार या राज्य सरकार अथवा इनके द्वारा प्राधिकृत अधिकारी। |
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धारा 28(1)(ख) के अनुसार कौन परिवाद प्रस्तुत कर सकता है? |
वह व्यक्ति जिसने अपराध की सूचना समुचित प्राधिकारी को कम से कम पन्द्रह दिन पूर्व दी हो। |
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धारा 28(1)(ख) के अंतर्गत सूचना देने की समय-सीमा क्या है? |
कम से कम पन्द्रह दिन पूर्व। |
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धारा 28(1)(ख) के अंतर्गत सूचना किसे दी जाती है? |
समुचित प्राधिकारी को। |
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धारा 28(1) के अनुसार न्यायालय संज्ञान कब नहीं ले सकता? |
निर्दिष्ट परिवाद के अतिरिक्त अन्यथा नहीं। |
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धारा 28(1) में “व्यक्ति” में क्या शामिल है? |
कोई सामाजिक संगठन। |
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धारा 28(2) के अनुसार कौन-सा न्यायालय विचारण कर सकता है? |
महानगर मजिस्ट्रेट या प्रथम वर्ग न्यायिक मजिस्ट्रेट। |
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धारा 28(2) के अनुसार कौन-सा न्यायालय विचारण नहीं कर सकता है? |
महानगर मजिस्ट्रेट या प्रथम वर्ग न्यायिक मजिस्ट्रेट से भिन्न न्यायालय। |
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धारा 28(3) कब लागू होती है? |
जब परिवाद उपधारा (1)(ख) के अधीन किया गया हो। |
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धारा 28(3) के अनुसार न्यायालय किसे निर्देश दे सकता है? |
समुचित प्राधिकारी को। |
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धारा 28(3) के अनुसार निर्देश किसके आवेदन पर दिया जाता है? |
परिवाद करने वाले व्यक्ति के मांग करने पर। |
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धारा 28(3) के अनुसार क्या उपलब्ध कराया जा सकता है? |
सुसंगत अभिलेखों की प्रतियां। |
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धारा 28(3) के अनुसार अभिलेख किसके कब्जे में होने चाहिए? |
समुचित प्राधिकारी के कब्जे में। |
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अध्याय-8 (CHAPTER-8) |
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प्रकीर्ण (MISCELLANEOUS) |
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धारा 29 का विषय क्या है? |
अभिलेख का रखा जाना। (Maintenance of records) |
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धारा 29(1) के अनुसार किन-किन दस्तावेजों का परिरक्षण किया जाएगा? |
सभी अभिलेख, चाट, प्ररूप, रिपोर्ट, सहमति पत्र तथा अन्य सभी दस्तावेज। |
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धारा 29(1) के अनुसार अभिलेख कितनी अवधि तक सुरक्षित रखे जाएंगे? |
दो वर्ष की अवधि तक या विहित अवधि तक। |
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धारा 29(1) के परन्तु उपबंध के अनुसार अभिलेख कब तक सुरक्षित रखे जाएंगे? |
कार्यवाही के अंतिम निपटारे तक। |
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धारा 29(1) का परन्तु किन संस्थाओं पर लागू होता है? |
आनुवंशिकी सलाह केन्द्र, आनुवंशिकी प्रयोगशाला या आनुवंशिकी क्लिनिक। |
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धारा 29(1) के परन्तु के अनुसार अतिरिक्त परिरक्षण कब आवश्यक होता है? |
जब उनके विरुद्ध कोई दांडिक या अन्य कार्यवाही संस्थित की जाती है। |
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धारा 29(2) के अनुसार अभिलेख किसे उपलब्ध कराए जाएंगे? |
समुचित प्राधिकारी या उसके द्वारा प्राधिकृत व्यक्ति को। |
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धारा 29(2) के अनुसार अभिलेख किस प्रयोजन हेतु उपलब्ध कराए जाते हैं? |
निरीक्षण के लिए। |
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धारा 30 का विषय क्या है? |
तलाशी लेने और अभिलेखों आदि के अभिग्रहण करने की शक्ति। (Power to search and seize records, etc.) |
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धारा 30(1) के अनुसार तलाशी की शक्ति किसे प्राप्त है? |
समुचित प्राधिकारी या उसके द्वारा प्राधिकृत अधिकारी को। |
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धारा 30(1) के अनुसार तलाशी की शक्ति कब प्रयोग की जा सकती है? |
जब प्राधिकारी को विश्वास करने का कारण हो कि इस अधिनियम के अधीन कोई अपराध किया गया है या किया जा रहा है। |
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धारा 30(1) के अनुसार यह विश्वास किन स्थानों के संबंध में हो सकता है? |
आनुवंशिकी सलाह केंद्र, आनुवंशिकी प्रयोगशाला, आनुवंशिकी क्लिनिक या किसी अन्य स्थान में। |
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धारा 30(1) के अनुसार तलाशी कब ली जा सकती है? |
सभी युक्तियुक्त समयों पर। |
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धारा 30(1) के अनुसार प्राधिकारी क्या कर सकता है? |
ऐसे स्थान में प्रवेश कर सकता है और तलाशी ले सकता है। |
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धारा 30(1) के अनुसार तलाशी के दौरान किन वस्तुओं की परीक्षा की जा सकती है? |
अभिलेख, रजिस्टर, दस्तावेज, पुस्तक, पुस्तिका, विज्ञापन या अन्य भौतिक पदार्थ। |
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धारा 30(1) के अनुसार प्राधिकारी किन वस्तुओं को अभिगृहीत कर सकता है? |
उपर्युक्त वस्तुएं यदि अपराध के साक्ष्य होने का कारण हो। |
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धारा 30(1) के अनुसार अभिग्रहण के साथ क्या किया जा सकता है? |
उसे मुहरबन्द किया जा सकता है। |
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धारा 30(1) के अनुसार प्राधिकारी को क्या संतुष्टि होनी चाहिए? |
कि वस्तु से अपराध के किए जाने का साक्ष्य मिल सकता है। |
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धारा 30(1) के अनुसार प्राधिकारी किस प्रकार की सहायता ले सकता है? |
ऐसी सहायता जो वह आवश्यक समझे। |
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धारा 30(2) के अनुसार कौन-सी संहिता के उपबंध लागू होंगे? |
दंड प्रक्रिया संहिता/ BNSS के तलाशी और अभिग्रहण संबंधी उपबंध। |
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धारा 31 का विषय क्या है? |
सद्भावपूर्वक की गई कार्रवाई के लिए संरक्षण। (Protection of action taken in good faith) |
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धारा 31 के अनुसार संरक्षण किस प्रकार की कार्रवाई पर लागू होता है? |
सद्भावपूर्वक की गई या की जाने के लिए आशयित कार्रवाई। |
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धारा 31 के अनुसार किसके विरुद्ध वाद, अभियोजन या अन्य विधिक कार्यवाही नहीं होगी? |
केन्द्रीय सरकार, राज्य सरकार, समुचित प्राधिकारी या उनके द्वारा प्राधिकृत अधिकारी के विरुद्ध। |
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धारा 31 के अनुसार संरक्षण किन कार्यवाहियों से है? |
वाद, अभियोजन या अन्य विधिक कार्यवाही से। |
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धारा 31 के अनुसार संरक्षण की शर्त क्या है? |
कार्रवाई सद्भावपूर्वक की गई हो या की जाने के लिए आशयित हो। |
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धारा 31क का विषय क्या है? |
कठिनाइयों का दूर किया जाना। (Removal of difficulties) |
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धारा 31क(1) के अनुसार कठिनाई कब उत्पन्न हो सकती है? |
प्रसवपूर्व निदान तकनीक (विनियमन और दुरुपयोग निवारण) संशोधन अधिनियम, 2002 के उपबंधों को प्रभावी करने में। |
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धारा 31क(1) के अनुसार कठिनाई दूर करने की शक्ति किसे है? |
केंद्रीय सरकार को। |
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धारा 31क(1) के अनुसार केंद्रीय सरकार क्या कर सकती है? |
राजपत्र में प्रकाशित आदेश द्वारा उपबंध बना सकती है। |
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धारा 31क(1) के अनुसार आदेश किन शर्तों के अधीन होगा? |
वह उक्त अधिनियम के उपबंधों से असंगत न हो। |
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धारा 31क(1) के अनुसार आदेश का उद्देश्य क्या होना चाहिए? |
कठिनाई को दूर करना। |
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धारा 31क(1) के अनुसार आदेश कब बनाया जा सकता है? |
जब केंद्रीय सरकार को आवश्यक या समीचीन प्रतीत हो। |
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धारा 31क(1) के परन्तु के अनुसार आदेश बनाने की समय-सीमा क्या है? |
संशोधन अधिनियम, 2002 के प्रारंभ से तीन वर्ष की अवधि के भीतर। |
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धारा 31क(1) के परन्तु के अनुसार तीन वर्ष के बाद क्या स्थिति है? |
कोई आदेश नहीं किया जाएगा। |
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धारा 31क(2) के अनुसार आदेश को कहाँ प्रस्तुत किया जाएगा? |
संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष। |
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धारा 32 का विषय क्या है? |
नियम बनाने की शक्ति। (Power to make rules) |
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धारा 32(1) के अनुसार नियम बनाने की शक्ति किसे है? |
केन्द्रीय सरकार को। |
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धारा 32(2) के अनुसार नियम किन बातों के लिए बनाए जा सकते हैं? |
पूर्वगामी शक्ति की व्यापकता को प्रभावित किए बिना निर्दिष्ट विषयों के लिए। |
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धारा 32(2)(i) के अनुसार किसके लिए न्यूनतम अर्हताएं निर्धारित की जाएंगी? |
रजिस्ट्रीकृत आनुवंशिकी सलाह केंद्र, प्रयोगशाला या क्लिनिक में नियोजित व्यक्तियों के लिए। |
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धारा 32(2)(i क) के अनुसार अभिलेख रखने की रीति किसके लिए निर्धारित होगी? |
पराश्रव्य लेखन करने वाले व्यक्ति द्वारा गर्भवती स्त्री का अभिलेख रखने हेतु। |
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धारा 32(2)(ii) के अनुसार सहमति किस प्ररूप में ली जाएगी? |
धारा 5 के अधीन विहित प्ररूप में। |
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धारा 32(2)(iii) के अनुसार प्रक्रिया किसके लिए निर्धारित होगी? |
केन्द्रीय पर्यवेक्षण बोर्ड के सदस्यों के कृत्यों के निर्वहन हेतु। |
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धारा 32(2)(iv) के अनुसार भत्ते किन्हें दिए जाएंगे? |
पदेन सदस्यों से भिन्न सदस्यों को। |
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धारा 32(2)(v) के अनुसार अवधि किसके लिए निर्धारित होगी? |
सलाहकार समिति के दो अधिवेशनों के बीच। |
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धारा 32(2)(ivक) के अनुसार आचार संहिता किसके लिए होगी? |
आनुवंशिकी सलाह केंद्र, प्रयोगशाला और क्लिनिकों में कार्यरत व्यक्तियों के लिए। |
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धारा 32(2)(ivख) के अनुसार रिपोर्ट देने की रीति किसके लिए निर्धारित होगी? |
राज्य और संघ राज्य क्षेत्र पर्यवेक्षण बोर्डों द्वारा रिपोर्ट देने हेतु। |
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धारा 32(2)(ivग) के अनुसार किसे सशक्त किया जा सकता है? |
समुचित प्राधिकारी को। |
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धारा 32(2)(vi) के अनुसार शर्तें किनके लिए निर्धारित होंगी? |
सलाहकार समिति में नियुक्ति के लिए। |
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धारा 32(2)(vi) के अनुसार प्रक्रिया किसके लिए निर्धारित होगी? |
सलाहकार समिति द्वारा अनुसरण की जाने वाली प्रक्रिया। |
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धारा 32(2)(vii) के अनुसार आवेदन का प्ररूप किसके लिए होगा? |
रजिस्ट्रीकरण के लिए आवेदन हेतु। |
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धारा 32(2)(viii) के अनुसार क्या निर्धारित किया जाएगा? |
सुविधाएं, उपस्कर और अन्य मानक। |
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धारा 32(2)(ix) के अनुसार प्रमाणपत्र का प्ररूप किसके लिए होगा? |
रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र हेतु। |
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धारा 32(2)(x) के अनुसार नवीकरण की रीति और अवधि किसके लिए होगी? |
रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र के नवीकरण हेतु। |
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धारा 32(2)(x) के अनुसार फीस किसके लिए होगी? |
नवीकरण के लिए। |
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धारा 32(2)(xi) के अनुसार अपील की रीति किसके लिए होगी? |
धारा 21 के अधीन अपील हेतु। |
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धारा 32(2)(xii) के अनुसार अवधि किसके लिए होगी? |
अभिलेखों, चार्टों आदि के परिरक्षण हेतु। |
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धारा 32(2)(xiii) के अनुसार क्या निर्धारित किया जाएगा? |
दस्तावेजों के अभिग्रहण की रीति और अभिग्रहण सूची तैयार करने की रीति। |
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धारा 32(2)(xiii) के अनुसार अभिग्रहण सूची किसे दी जाएगी? |
उस व्यक्ति को जिसकी अभिरक्षा से सामग्री अभिगृहीत की गई। |
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धारा 32(2)(xiv) के अनुसार क्या शामिल है? |
कोई अन्य विषय जो विहित किया जाना अपेक्षित है। |
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धारा 33 का विषय क्या है? |
विनियम बनाने की शक्ति। (Power to make regulations) |
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धारा 33 के अनुसार विनियम बनाने की शक्ति किसे है? |
बोर्ड को। |
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धारा 33 के अनुसार विनियम बनाने से पूर्व किसकी मंजूरी आवश्यक है? |
केन्द्रीय सरकार की पूर्व मंजूरी। |
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धारा 33 के अनुसार विनियम किस माध्यम से बनाए जाएंगे? |
राजपत्र में अधिसूचना द्वारा। |
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धारा 33(क) के अनुसार क्या निर्धारित किया जाएगा? |
बोर्ड के अधिवेशनों का समय, स्थान, प्रक्रिया और गणपूर्ति। |
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धारा 33(क) के अनुसार गणपूर्ति क्या है? |
सदस्यों की वह संख्या जिससे अधिवेशन में कारबार संचालित हो सके। |
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धारा 33(ख) के अनुसार क्या निर्धारित किया जाएगा? |
व्यक्ति को बोर्ड के साथ अस्थायी रूप से सहयोजित करने की रीति। |
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धारा 33(ग) के अनुसार क्या निर्धारित किया जाएगा? |
अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति, सेवा शर्तें, वेतनमान और भत्ते। |
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धारा 33(घ) के अनुसार क्या निर्धारित किया जाएगा? |
बोर्ड के कार्यकलापों का दक्ष संचालन। |
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धारा 34 का विषय क्या है? |
नियमों और विनियमों का संसद के समक्ष रखा जाना। (Rules and regulations to be laid before Parliament) |
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धारा 34 के अनुसार किनको संसद के समक्ष रखा जाएगा? |
प्रत्येक नियम और प्रत्येक विनियम। |
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धारा 34 के अनुसार नियम या विनियम किसके समक्ष रखा जाएगा? |
संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष। |
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धारा 34 के अनुसार नियम या विनियम कितनी अवधि के लिए रखा जाएगा? |
कुल तीस दिन की अवधि के लिए। |
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धारा 34 के अनुसार यह अवधि कैसे पूरी हो सकती है? |
एक सत्र में या दो या अधिक आनुक्रमिक सत्रों में। |
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धारा 34 के अनुसार परिवर्तन कब प्रभावी होगा? |
जब दोनों सदन परिवर्तन के लिए सहमत हो जाएं। |
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धारा 34 के अनुसार परिवर्तन के बाद नियम या विनियम किस रूप में प्रभावी होगा? |
परिवर्तित रूप में। |
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धारा 34 के अनुसार नियम या विनियम कब निष्प्रभाव होगा? |
जब दोनों सदन सहमत हो जाएं कि वह नहीं बनाया जाना चाहिए। |
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धारा 34 के अनुसार निष्प्रभाव होने का प्रभाव क्या होगा? |
तत्पश्चात वह निष्प्रभाव हो जाएगा। |
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धारा 34 के अनुसार पूर्व में किए गए कार्यों पर क्या प्रभाव पड़ेगा? |
उनकी विधिमान्यता पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। |